धर्म संस्कृति

घर में रखें मोरपंख, आएगी खुशहाली, परिवार होगा संपन्न

14/11/2019

नई दिल्ली। शास्त्रों के अनुसार प्रकृति और उससे जुड़ी वस्तुओं की पूजा का मानव जीवन में विशेष महत्व है। स्वयं देवी-देवताओं ने प्रकृति को सर्वोच्च स्थान देकर उसका आभार जताने और उसकी पूजा का महत्व बताया है। कुदरत से जुड़ी कुछ शुभ वस्तुओं को देवी देवता स्वयं धारण करते हैं और इन वस्तुओं का सामिप्य […]

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देवताओं के चिकित्सक हैं भगवान धन्वन्तरी

24/10/2019

धन्वन्तरी जयन्ती पर विशेष कुछ व्यक्ति धनतेरस के रूप में बर्तन खरीद कर इसे मनाते हैं। कहते हैं कि इस दिन धातु की चीज, स्वर्ण, चांदी, बर्तन आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन सांयकाल सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर यम दीपदान करने का भी रिवाज प्रचलित है। बिजयनगर। समुद्र मंथन […]

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दीपावली पूजन मुहुर्त एवं पूजा विधि

24/10/2019

धनतेरस दि. 25 अक्टूबर 2019 बहीखाता निर्माण मुहुर्त कार्तिक कृष्णा द्वादशी शुक्रवार उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रात: प्रात: 10:59 से दोपहर 12:30 अभिजीत मुहुर्त। कार्तिक कृष्णा द्वादशी शुक्रवार प्रदोष बेला सांय 5:58 से 7:15 यम दीपदान मुहुर्त। दीपावली पूजन दि. 27 अक्टूबर 2019 महालक्ष्मी पूजन मुर्हुत- गणेश मांडना, गादी स्थापना, स्याही भरना, दवात कलम संवारना आदि प्रात: […]

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हमारी संस्कृति में दीपावली त्यौहार मनाने की परम्परा का प्रादुर्भाव

24/10/2019

पं. रामगोपाल शर्मा, ज्योतिषाचार्य गुलाबपुरा। दीपावली का त्यौहार भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इसके पीछे कई धार्मिक, प्रागैतिहासिक एवं पौराणिक मान्याताएं भी जुड़ी हुई हैं। उदाहरणत: इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने रावण का वध कर प्रथम बार अयोध्या में प्रवेश किया। इसकी खुशी में अयोध्या वासियों ने नगरी को […]

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… तो इसलिए करते हैं गोवर्धन पूजा

24/10/2019

बिजयनगर। गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारंभ हुई। इसमें हिन्दू धर्मावलम्बी घर के आंगन में या मुख्यद्वार पर गाय के गोबर से गोवर्धननाथ जी की अल्पना बना कर उनका पूजन करते हैं। उसके बाद गिरीराज भगवान (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। […]

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… तो इसलिए मनाते हैं भैयादूज

24/10/2019

बिजयनगर। भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उसकी कोख से यमराज और यमुना नाम से एक बेटा और बेटी जन्में। यमुना अपने भाई यमराज से बहुत स्नेह रखती थी। वो बार-बार भाई यमराज से निवेदन किया करती थी कि आप कभी तो अपने इष्ट मित्रों के संग आकर मेरे घर पर भोजन […]

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करवा बहिन के नाम से प्रचलन में आया करवा चौथ

17/10/2019

कर्क चतुर्थी या करवा चौथ की पौराणिक कथा प्रत्येक वर्ष की कार्तिक कृष्णा चतुर्थी को कर्क चतुर्थी या करवा चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन सभी महिलाएं अपने सुहाग को सुरक्षित रखने के लिए विधि विधान से व्रतोपवास करके चन्द्र दर्शन करती हैं। तत्पश्चात आहार ग्रहण करती हैं। इस वर्ष कर्क चतुर्थी […]

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जानिए शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में क्या करें, क्या न करें

10/10/2019

शरद पूर्णिमा चन्द्रमा की चांदनी विशेष गुणकारी, श्रेष्ठ किरणों वाली और औषधियुक्त होती है। इस चांदनी रात में शीतल चन्द्रमा की रोशनी का लाभ उठाना चाहिए। 1. नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 मिनट तक चन्द्रमा को देखकर त्राटक करें । 2 . जो भी इन्द्रियां शिथिल […]

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दशहरा: ‘दस दोषों को हरण करने वाला पर्व’

02/10/2019

दशहरा पर्व भारत में विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष की आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। दशहरा का अर्थ है ‘दस दोषों को हरण करने वाला पर्व’ लंकाधिपति रावण के दस मस्तक थे। एक-एक मस्तक एक-एक दोष का प्रतीक था। दस दोषों के एक साथ मिलने से रावण […]

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नवरात्र में शक्ति उपासना का विशेष महत्व

26/09/2019

घट स्थापना का शुभ मुहुर्त अश्विनी शुक्ला 1, रविवार दिनांक 29/०9/2019 प्रात: 6:33 से 08:03 बजे तक सर्वासिद्ध योग का मुहुर्त है। इसके बाद सुबह 9:33 से 11:03 बजे तक लाभ चौघडिय़ा का मुहुर्त है। तत्पश्चात सुबह 11:03 से दोपहर 12:33 बजे तक अमृत चौघडिय़े का मुहुर्त है। पं. रामगोपाल शर्मा, ज्योतिषाचार्य, गुलाबपुरा। नवरात्रि एक […]

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