पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा महास्नान पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

  • Devendra
  • 12/11/2019
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अजमेर। (वार्ता) करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र राजस्थान के अजमेर जिले में तीर्थराज पुष्कर में आज कार्तिक पूर्णिमा के महास्नान पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पडा। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर करीब डेढ़ लाख लोगों ने पवित्र पुष्कर सरोवर के सभी 52 घाटों पर भजन कीर्तन करते हुए आस्था की डुबकी लगाई तथा दान पुण्य कर परिवार में खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं ने आज विशेष दिन यज्ञ के साथ सरोवर में प्रज्वलित दीपकों का भी प्रवाह किया। श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव सरोवर के प्रमुख ग़उ घाट एवं ब्रह्म घाट पर देखा गया जहां देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पुष्कर सरोवर स्नान कर पुण्य कमाया तथा देवी देवताओं को याद किया।

माना जाता है कि इस दिन 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है और इस कारण श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा काे स्नान को महत्व देते है और सरोवर में स्नान करने से गंगा में स्नान करने के बराबर पुण्य मिलता है। सृष्टि के रचियता ब्रह्मा के हाथ से कमल का पुष्प गिरने के बाद ही पुष्कर सरोवर अस्तित्व में आया था। इस मौके जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में ब्रह्मा का विशेष श्रृंगार किया गया जहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और दिन में बंद किए जाने वाले कपाट को भी स्थगित किया गया। कार्तिक पूर्णिमा का महास्नान शाम तक जारी रहेगा और मेला समापन के मौके पर पुष्कर के ब्रह्म घाट पर गोधूली वेला में पवित्र सरोवर की महाआरती की जाएगी तथा उसके बाद हाई लेवल ब्रिज पर आतिशबाजी का भी आयोजन होगा। पुष्कर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर यातायात और सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं।

इसी के साथ अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेला एवं पुष्कर पशु मेलेे का भी समापन हो गया। मेला मैदान पर आयोजित समापन समारोह में जिला कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। समापन समारोह में मेला मैदान पर ही ग्रामीण खेलकूद, मटका दौड़, देशी विदेशी महिलाओं एवं पुरुषों के बीच रस्साकशी मुकाबले के अलावा सज्जे धज्जे ऊंटों की झांकियां तथा राजस्थानी संस्कृति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान रस्साकशी प्रतियोगिता में देशी लोगों ने विदेशी लोगों को शिकस्त दी। पुष्कर पशु मेला पशुओं की खरीद फरोख्त के लिहाज से इस बार कमजोर साबित हुआ। पुष्कर मेले का समापन हो गया लेकिन श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों का आना एक हफ्ते तक जारी रहेगा।

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