राज्य सरकार कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं-कटारिया

  • Devendra
  • 10/09/2019
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जयपुर। (वार्ता) राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चंद कटारिया ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस कारण अपराध बढ़ रहे है और अलवर जिले के बहरोड़ थाने से कुख्यात बदमाश के फरार होने की घटना से प्रदेश को शर्मसार होना पड़ा। श्री कटारिया आज यहां पत्रकारों से कहा कि राज्य में अपराध की सारी सीमाएं लांघी जा चुकी है और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही तथा कोई इसके प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सिस्टम भी है और अच्छे साधन भी उपलब्ध है, इसके बावजूद सरकार के कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं होने के कारण प्रदेश में अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि बहरोड़ थाने की घटना ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया। यह सुनियोजित मामला था और पुलिस बदमाश को भगाने तक मिली हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस मौजूद थी, बदमाशों ने फायरिंग की तब पुलिस उनके विरुद्ध एक-आधी गोली चलाती। लेकिन थानाधिकारी का यह कहना कि उनकी पिस्तौल से गोली नहीं चल सकी, ये राजस्थान को नीचा दिखाना है, वहीं पुलिस महानिदेशक के सामने पुलिसकर्मी कहता है उसे हथियार चलाना नहीं आता, कितनी शर्मनाक बात है। जबकि पुलिसकर्मियों को इसके लिए रेंज पर भेजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समय में पुलिस को अच्छे हथियार एवं साधन उपलब्ध कराये गये थे। उन्होंने कहा कि बहरोड़ घटना में दो हैड कांस्टेबल को बर्खास्त करने को सही कदम बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए इस तरह के सख्त कदम उठाये जाने की जरुरत भी है। श्री कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो गृह विभाग भी देख रहे है, से अनुरोध किया कि उन्हें पुलिस की गिरती साख को बचाने एवं उसके मनोबल को बढ़ाने के लिए जो भी तरीका हो उसे अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती से काम लेने की जरुरत है, क्यों प्रदेश में कोई भी शहर एवं जिला नहीं बचा है जहां जघन्य अपराध नहीं होते।

उन्होंने दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास समय नहीं है तो उन्हें अपना एक सहयोगी भी रखना चाहिए ताकि मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि सरकार को किसी भी घटना के प्रति दोहरे मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। किसी घटना में किसी को नौकरी दी जाती है तो वैसी अन्य घटना में भी वैसे मापदंड अपनाये जाने चाहिए। उन्होंने थानागाजी में सामूहिक दुष्कर्म के मामले को दबाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना को करीब दस दिन तक दबाये रखा इसके बाद मामला सामने आया, मामले को दबाये जाने का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है। श्री कटारिया ने राज्य में अपराध के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि जुलाई 2018 की तुलना में गत जुलाई में 54 प्रतिशत अपराध बढ़े है। उन्होंने कहा कि इस दौरान महिला अपराधों में 87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान अनुसूचित जाति के विरुद्ध 85 एवं अनुसूचित जन जाति के विरुद्ध 123 प्रतिशत अपराध बढ़ा है। इसी तरह राज्य में दलित अत्याचार के पिछले सात महीनों में 120 मामलों में 45 घटना नाबालिग के साथ हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में जयपुर में सात स्थानों शास्त्री नगर, सुभाष नगर, ईदगाह, गंगापोल, कल्याणजी का रास्ता तथा खो नागोरियन क्षेत्र में साम्प्रदायिक टकराव की घटना हुई है।

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